।। श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नम: ।। ॐ परम तत्वाय नारायणाय गुरुभ्यो नम: ।। ॐ ह्रिं मम प्राण देह रोम प्रतिरोम चैतन्य जाग्रय ह्रीं ॐ नम: || ॐ भुर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धिमही धियो योन: प्रच्योदयात|| गुरु वाणी: Such thoughts are missing in animals, birds and insects. Even gods and demons do not think thus. This is why humans are said to be the most unique in the universe. But if a human never thinks why he has been created by the Lord, what the goal of his life then he is no better than the animals.

Listen Guru Mantra

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Monday, August 1

Easy Way to Gain Guru Kripaa (अष्टोत्तर शत्नामानी )

Easy Way To Gain Guru Kripaa By Chanting 108 Mantras Of Sadgurudev:


Param Pujya Sadgurudev Nikhileswarananda Maharaj has many forms and appearances. Those Nikhil Bhakta or Nikhil Sishya who chant this 108 names or mantras of Sadgurudev Nikhil daily one time then he/she will surely gains full blessings or Guru Kripa.


Dr. Narayan Dutt Shrimali
  1.  ॐ नारायणाय गुरुभ्यो नम: 
  2.  ॐ आत्म स्वरुपाय नम: 
  3.  ॐ त्रिकाल ज्ञान संपन्नाय नम: 
  4.  ॐ दसमहाबिधा सिद्धीदाय नम: 
  5.  ॐ भगवती प्रियाय नम: 
  6.  ॐ बिज्ञान दिपाकुंराय नम: 
  7.  ॐ प्रेम स्वरुपाय नम:
  8.  ॐ तन मन रंजनाय नम:
  9.  ॐ भव भय भंजनाय नम:
  10.  ॐ असुर निखंडनाय नम: 
  11.  ॐ दिव्य हस्ताय नम:
  12.   ॐ गूढ स्वरुपाय नम: 
  13.  ॐ सौम्य स्वरुपाय नम:
  14.  ॐ गूढ चरित्राय नम:
  15.  ॐ दानी चरित्राय नम:
  16.  ॐ सर्वसम्पत्कराय नम:
  17.  ॐ जाग्रिती रचना सिक्त प्रदाय नम:
  18.  ॐ वेद भयाय नम:
  19.  ॐ करुणा कराय नम:
  20.  ॐ प्रत्यक्ष महेश्वराय नम:
  21.  ॐ सच्चिदानन्द श्रेष्ठ शिष्याय नम:
  22.  ॐ सिद्धाश्रम प्रतिकाय नम:
  23.  ॐ कैलाशाचल कन्दरालयकराय नम:
  24.  ॐ मोक्ष द्वार कपाट पाटन कराय नम:
  25.  ॐ सर्वानन्द कराय नम: 
  26.  ॐ भक्ताभिष्ट प्रदाय नम: 
  27.  ॐ कृपावलम्वनाय नम: 
  28.  ॐ कल्प तरवे नम: 
  29.  ॐ कोटी कोटी स्वरुपाय नम: 
  30.  ॐ महा अभयंकराय नम: 
  31.  ॐ साक्षान्मोक्षकराय नम: 
  32.  ॐ रक्षा कन्दकराय नम: 
  33.  ॐ निरामयाय नम: 
  34.  ॐ ज्ञान वैराग्य सिद्धयर्थाय नम: 
  35.  ॐ सोमाव्रित सोदराय नम:
  36.  ॐ दयानुपवना द्रविणाम्बु धाराय नम:
  37.  ॐ पुष्कर विस्टकराय नम: 
  38.  ॐ त्रिविष्ट सुलभ लभाय नम: 
  39.  ॐ समस्त जगतां महानिय मुर्तये नम:
  40.  ॐ आशा पुरकाय नम: 
  41.  ॐ सच्चिद सुखधाम्ने नम:
  42.  ॐ पुराण पुरुषाय नम: 
  43.  ॐ नाना क्रिडाकराय नम: 
  44.  ॐ चिदानन्द निर्विकाराय नम:
  45.  ॐ गुणातिताय नम: 
  46.  ॐ त्रिकाल दर्शनाय नम: 
  47.  ॐ सर्वबिघ्न हराय नम:
  48.  ॐ नानादैत्य निहन्त्ताय नम: 
  49.  ॐ नाना रुपधराय नम: 
  50.  ॐ सर्वशक्ती भयाय नम: 
  51.  ॐ सर्वरुप वैवभाय नम: 
  52.  ॐ सर्व विधा प्रवक्ताय नम: 
  53.  ॐ नित्य भक्तानन्द कराय नम:
  54.  ॐ सत्य ज्ञान रुपाय नम: 
  55.  ॐ अनंन्त विभवाय नम: 
  56.  ॐ अनेक कोटी ब्रह्माण्ड नायकाय नम: 
  57.  ॐ सर्ववशंकराय नम: 
  58.  ॐ आधीव्याधी हराय नम:
  59.  ॐ भुक्ती मुक्ती प्रदाय नम: 
  60.  ॐ सर्व सिद्धी कराय नम: 
  61.  ॐ सर्व सौख्य प्रदायिने नम:
  62.  ॐ दुष्टा रिष्ट विनाशाय नम: 
  63.  ॐ चिदानन्द स्वरुपाय नम: 
  64.  ॐ प्रपन्न जनपालनाय नम:
  65.  ॐ इन्दु शितलाय नम:
  66.  ॐ विभुतये नम: 
  67.  ॐ सुरभये नम: 
  68.  ॐ वाड्मयाय नम:
  69.  ॐ श्रद्धायै नम: 
  70.  ॐ आदित्यै नम: 
  71.  ॐ दित्यै नम:
  72.  ॐ दिपायै नम:
  73.  ॐ अनुग्रह रुपाय नम:
  74.  ॐ अशोकाय नम:
  75.  ॐ अमृताय नम:
  76.  ॐ धर्मनिलयाय नम:
  77.  ॐ महेश्वराय नम: 
  78.  ॐ भक्त वत्सलाय नम:
  79.  ॐ कपालिने नम:
  80.  ॐ शाश्वताय नम: 
  81.  ॐ अजेयाय नम:
  82.  ॐ दिव्याय नम:
  83.  ॐ कृपानिधानाय नम:
  84.  ॐ अव्यक्ताय नम:
  85.  ॐ जिवतत्व बोधकाय नम:
  86.  ॐ सहस्राक्षय नम: 
  87.  ॐ अनंताय नम: 
  88.  ॐ शिष्यवन सिञ्चिताय नम:
  89.  ॐ अनुग्रहाय नम:
  90.  ॐ निखिलेश्वरानंदाय नम:
  91.  ॐ गृहास्थ स्वरुपाय नम:
  92.  ॐ अनाथ नाथाय नम:
  93.  ॐ चित्त हराय नम: 
  94.  ॐ दुर्लभ गुरुवे नम:
  95.  ॐ सुक्ष्म रुपाय नम:
  96.  ॐ कालातीताय नम:
  97.  ॐ सौम्याम्बर धराय नम: 
  98.  ॐ निर्लिप्ताय नम: 
  99.  ॐ अखण्डानि सहस्रार जाग्रित कराय नम:
  100.  ॐ कुण्डलिनी सहस्रार जाग्रताय नम:
  101.  ॐ योगमय स्वरुपाय नम:
  102.  ॐ तपोमयाय नम:
  103.  ॐ मार्ग दर्शकाय नम:
  104.  ॐ मन्त्र तन्त्र यंत्र सिद्धिकरायय नम:
  105.  ॐ उर्ध्वमुखी जीवनंदकराय नम:
  106.  ॐ पतितोध्दारायय नम: 
  107.  ॐ भक्तवत्सल भोला शंकरायय नम:
  108.  ॐ नारायणदत्त तेजस्वीनं नम: